मध्रीपालन व्यवसायमे मुक्तकमैया लोग


Bindra chy

लखन चौधरी
धनगढी (धुर्जन्ना), पुस १२ गते । धनगढी उपमहानगरपालिका–१७ धुर्जन्ना मुक्तकमैया शिविरके मुक्त कमैया विन्द्रादेवी चौधरी एक महिना यहोर मध्रीन्के स्याहार–सुसारमे लागल बाटी । कमैया मुक्तिपाछे कि ज्याला मजदुरी, कि चुल्हाचौकामे सीमित रहना उहाँ जिविकोपार्जनके लौव डग्राके रुपमे मध्रीपालन व्यवसायमे हात डारल हुइटी ।

हमारलाग जिविकोपार्जन करेकलाग ज्याला मजदुरी कर्नाके कौनो विकल्प नैरहे’उहाँ बटैली–‘मने आब घरमे रहिके फेन आयआर्जन करे सेकजिना हुइलओरसे मध्रीपालन व्यवसायके सुरुवात कर्ले बाटी ।’ मध्रीपालन व्यवसायसे जिविकोपार्जनमे टेवा पुगी कनामे पूरा विश्वास्त रहल फेन उहाँ आशा व्यक्त कर्ली ।

धुर्जन्नाके दोसर मुक्तकमैया बर्खुप्रसाद चौधरी फेन मध्रीपालन व्यवसायप्रति आकर्षित हुइल बाटै । आधा जिन्दगी जमिन्दारके घरमे गुजारसेकल उहाँ मुक्तिपाछेके जीवनमे सहजता आइकना आशाकेसाथ मध्रीपालनमे लागल हुइट । कम लगानी, ओ कम मेहनतमे फेन मजा प्रतिफल पाई सेकजिना व्यवसाय रहल ओरसे हमारजैसिन न्यून आम्दानी रहल पूर्व कमैयाहुकनके लाग मजा व्यवसाय हो’उहाँ बतैली ।’

धुर्जन्ना मुक्तकमैया शिविरके विन्दा ओ बर्खु चौधरी किल नाई यहाँके १० घरधुरी मध्रीपालन व्यवसायके सुरुवात कर्ले बातैं । कमैया प्रथा उन्मुलन समाज कैलाली मुक्तकमैया परिवारहुकन मध्रीपालन तालिम सहित आर्थिक ओ प्राविधिक सहयोग करलपाछे यहाँक् मुक्त कमैयाहुक्रे अगहन महिनासे मध्रीपालन व्यवसायमे लागल हुइट ।

Mauri Ghaar

समाजके अध्यक्ष वसन्ती चौधरीकेअनुसार मुक्त कमैयाहुकनके जिविकोपार्जनमे कुछ टेवा पुगे कना उद्देश्यके साथ धुर्जन्ना मुक्तकमैया शिविरके १० घरधुरीहे १५ हजारके दरसे मध्रीपालन व्यवसायके लाग सहयोग करल जानकारी देली । जौन सहयोगमध्ये हरेक घरधुरी एक÷एक घारके दरसे मध्रीफेन वितरण करल अध्यक्ष चौधरी बटैली ।

बर्षौ–बरष जमिन्दारके घरमे काम करल ओ मुक्तिपाछे खाली हात शिविरके बास करल उहाँहुकनहे जिविकोपार्जन कर्ना कलेक लोहक चिउरा जबैना सरह हुइल रहे । मने सरकारके ओ कुछ दातृ निकायके सहयोग पाइलपाछे जिविकोपार्जन कर्नामे हौसला बह्रल बा । यहेबीच समाजसे तालिमसहित मध्रीपालन व्यवसायके लाग सहयोग करलपाछे ते झने उहाँ हुकनमे ऊर्जा थपल बा ।

लौव जीवनके सुरवात करल अप्नेहुकनहे तालिम ओ व्यवसायके लाग आर्थिक सहयोग मिललपाछे जिन्दगी जिनामे बहुट भारी हौसला मिलल बटैली कमैया भागादेवी राना । ज्यालादारी करके घरके गुजारा चलैटी आइल बाटी, व्यवसायके लाग तालिम ओ आर्थिक सहयोग पाइलपाछे हम्रेफेन कुछ करे सेकब जैसिन लागल बा’उहाँ फोहैटी कहली ।

समाजसे मध्रीपालनमे इच्छुक मुक्तकमैयाहुकन व्यवसाायिक योजनासहित तालिम प्रदान करल रहे । जौन कारण उहाँहुक्रे मधपालनके सुरुवाती संगे बजारीकरणमे अब्बहीसे जुटल बाटै । आपन चिनजानके मनैन मार्फत व्यवसायके प्रचार–प्रसारमे फेन लागल उहाँ हुकनके कहाई बा ।

मधपालक मुक्तकमैया अस्तुरियादेवी चौधरी मध्रीपालन व्यवसायके भर्खर सुरुवात कर्लेसे फेन उत्पादन हुइना सहट (मह) माग अइटी रहल जानकारी देली । अब्बहीसे माग हुइलकारण व्यवसाय कर्ना थप हौसला मिल्टी रहल फेन बटैली । उहाँ व्यवासाय कर्ना डगर पकर सेकल बटैटी अइना दिनमे एक प्रयाससे फेन व्यवसायहे निरन्तरता देना विश्वास व्यक्त कर्ली ।

तपाईको प्रतिक्रिया